क्या मुंबई पुलिस अपराध और उसे बढ़ावा देने वाली मानसिकता पर नियंत्रण खो रही है?
महेश पाटिल का परिचय
असली नाम: महेश सुभाष पाटिल
वास्तविक नाम: मकरंद सुभाष दगडखेर है।
उपनाम: उन्हें दगडू के नाम से भी जाना जाता है।
पिता का परिचय: उनके पिता का नाम सुभाष दगडखेर है, जो मुंबई पुलिस में पुलिस उप-निरीक्षक (PSI) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
वर्तमान पद: महेश पाटिल वर्तमान में मुंबई महानगरपालिका (BMC) में सहायक आयुक्त (Assistant Municipal Commissioner) के पद पर कार्यरत हैं।
निशित योगेंद्र पटेल: परिचय
नागरिकता: भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं।
निवास: वर्तमान में खार (पश्चिम), मुंबई में रहते हैं।
कार्यालय: उनका कार्यालय बांद्रा में स्थित है।
निशित योगेंद्र पटेल के साथ विवाद (नवंबर 2025)
मध्य नवंबर 2025 में महेश पाटिल पर बांद्रा के एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 80 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता निशित पटेल का दावा है कि महेश पाटिल ने 10 से अधिक हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों (वरिष्ठ IPS अधिकारी, अन्य सरकारी अधिकारी, एक प्रमुख उद्योगपति, एक बॉलीवुड अभिनेता आदि) से “सस्ते फ्लैट” देने के बहाने बिना किसी लिखित समझौते, साइट विजिट या बिल्डर की भागीदारी के करोड़ों रुपये ऐंठे।
प्रमुख निवेश:
- एक वरिष्ठ IPS अधिकारी: 15.5 किलो सोना + 1.89 करोड़ नकद।
- एक अन्य सरकारी अधिकारी: 8 करोड़ नकद।
- बॉलीवुड अभिनेता: 28 करोड़ (जिसमें 20 करोड़ नकद)।
- कुल: 80 करोड़ रुपये से अधिक।
निशित पटेल के गंभीर आरोप: अपहरण और जबरन वसूली का मामला:
निशित पटेल का आरोप है कि जब उन्होंने महेश पाटिल से धोखाधड़ी के बारे में पूछताछ की, तो पाटिल और उनके सहयोगियों ने मिलकर ये अपराध किए।
आरोपियों के नाम:
1. महेश पाटिल उर्फ मकरंद दगड़खेर।
2. प्रसाद खैरनार (वार्ड ऑफिसर, बीएमसी)।
3. स्वाती वरुथे (पीसी – एसबी – 1)।
4. अली रज़ा (शीसा बार एंड रेस्टोरेंट – बांद्रा)।
5. बाउंसर।
निशित पटेल के खिलाफ किए गए कृत्य:
अपहरण: महेश पाटिल ने गुंडों के माध्यम से निशित पटेल का अपहरण करवाया।
हिंसा और धमकी: उन्हें दो घंटे तक बुरी तरह पीटा गया और बंदूक की नोक पर धमकाया गया।
सबूत मिटाना: उनके फोन से जबरन सभी सबूत डिलीट करवा दिए गए।
जबरन कबूलनामा: उनसे झूठा कबूलनामा जबरदस्ती साइन करवाया गया।
फिरौती की मांग: उनसे 60 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।
महेश पाटिल का पक्ष:
महेश पाटिल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर सभी आरोपों से साफ इनकार किया है। हालांकि, वे अपने बैंक खातों या किसी समझौते की जानकारी साझा करने से इनकार कर रहे हैं, जिससे संदेह और बढ़ गया है।
CP कंपाउंड का “VT” कौन है?
इस मामले में, CP कंपाउंड के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिसका कोडनेम “VT” है, ने बड़ा निवेश किया था। VT को डिकोड करने पर कई बातें स्पष्ट हो सकती हैं।
वर्तमान स्थिति
- अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
- मुंबई पुलिस की जांच धीमी गति से चल रही है।
- जाँच मुंबई पुलिस के उन सीनियर अधिकारियों के निर्देशन में की जा रही है, जो इस अपराध का हिस्सा भी हैं।
- सोशल मीडिया पर यह मामला बहुत वायरल हो रहा है; कई लोग बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
- आम जनता इसे मुंबई की “वसूली व्यवस्था” और प्रशासन में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण मान रही है।
यह मामला मुंबई के प्रशासनिक तंत्र में विश्वास की गहरी कमी को उजागर करता है, खासकर जब पीड़ितों में खुद वरिष्ठ पुलिस और सरकारी अधिकारी शामिल हों।




भ्रष्टाचारविरोधी आंदोलनात सहभागी आहे